
Thakur ने रानी को बेड पर पटक दिया। उसकी सलवार उतारी – चूत गीली, बालों वाली, टपक रही। "देख साली, तेरी चूत चाचा के लंड का इंतजार कर रही है!" उसने जीभ डाल दी। रानी चीखी, "आह्ह्ह चाचा! चाटो मेरी रंडी चूत... उंगली डालो!" Thakur ने दो उंगलियां ठूंस दीं, चूत चटकाने लगा। फिर लंड सिरे पर रखा और एक धक्के में अंदर। "फट गई रे तेरी सील! ले सांड के लंड की मार!"
रानी दर्द से चिल्लाई लेकिन मज़ा आया, "हां चाचा, फाड़ दो मेरी कच्ची चूत! मैं तुम्हारी सस्ती रंडी हूँ... चोदो जोर से!" Thakur पागलों की तरह धक्के मारने लगा, चुचे दबाते हुए। कमरा गंध से भरा – पसीना, चूत का रस, लंड की बदबू।







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